सक्ती। छत्तीसगढ़ के नवगठित सक्ती जिले में कल शाम प्रकृति का ऐसा रौद्र रूप देखने को मिला जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। अचानक बदले मौसम के मिजाज ने भारी बारिश और प्रचंड तूफान का रूप ले लिया, जिससे जिले भर में भारी तबाही हुई है। जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
मलबे के ढेर में तब्दील हुईं गाड़ियाँ, दीवारें ढहीं
तूफान की गति इतनी तेज थी कि कई जगहों पर पुरानी दीवारें और पक्के निर्माण भी टिक नहीं पाए। शहर के एक हिस्से में एक दीवार के ढहने से उसके नीचे खड़ी एक सफेद स्विफ्ट कार पूरी तरह से दब गई। जैसा कि उपलब्ध तस्वीरों में देखा जा सकता है, कार पर भारी ईंटों का मलबा गिरने से वह पूरी तरह पिचक गई है, जिससे मालिक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। यह घटना दर्शाती है कि तूफान के समय कोई भी खुला स्थान सुरक्षित नहीं था।
एक अन्य स्थान पर, एक खड़ी कार के पिछले हिस्से पर पेड़ की भारी टहनी गिर गई, जिससे कार का पिछला शीशा और छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यह दृश्य भी उपलब्ध है और बताता है कि कैसे पेड़ भी वाहनों के लिए काल बन गए।बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई, पूरा जिला अंधेरे में आंधी-तूफान ने बिजली के बुनियादी ढांचे को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाया है। जिले में कई जगहों पर बिजली के खंभे जड़ से उखड़ गए या बीच से टूट कर गिर गए। तारों का जाल सड़कों पर बिछा हुआ है, जिससे करंट लगने का खतरा बना हुआ है। तस्वीरें स्पष्ट रूप से एक क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे को दिखाती हैं, जिससे पूरी विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। बिजली विभाग के सूत्रों के अनुसार, व्यवस्था बहाल होने में 24 घंटे से भी ज्यादा का समय लग सकता है।
विशाल पेड़ों ने रास्तों को किया ब्लॉक, आवागमन पूरी तरह ठप
तूफान के कारण जिले की मुख्य सड़कों और बस्तियों के अंदरूनी रास्तों पर विशाल बरगद और नीम के पेड़ उखड़कर गिर गए हैं। कई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे गिरे हुए पेड़ों ने पूरी सड़क को अवरुद्ध कर दिया है।
एक व्यस्त सड़क पर एक विशाल पेड़ गिरने से पूरा रास्ता बंद हो गया है और कई लोग अपनी मोटरसाइकिलों से वापस मुड़ने या रास्ता खोजने की कोशिश करते दिख रहे हैं। अन्य गली में, एक बड़ा पेड़ उखड़कर गिरा है और उसने बिजली की लाइनों को भी अपने साथ नीचे खींच लिया है, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो गई है। गिरे हुए पेड़ों और मलबे के कारण ट्रैफिक पूरी तरह जाम हो है। स्थानीय निवासी और प्रशासन की टीमें रास्तों को साफ करने के प्रयास में जुटी हुई हैं, लेकिन नुकसान इतना व्यापक है कि सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लगेगा।
इस भीषण आपदा के बाद से सक्ती जिले के निवासियों में भय का माहौल है। जलभराव और मलबे के कारण लोगों का अपने घरों से निकलना दूभर हो गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी आने वाले कुछ दिनों तक खराब मौसम की चेतावनी जारी रखी है।






