रायगढ़। जिले की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक विशेष 'क्राइम रिव्यू मीटिंग' के दौरान उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुलिस की कार्यप्रणाली अब कागजों से निकलकर धरातल पर दिखाई देनी चाहिए।
पुराने मामलों का तत्काल समाधान:
SSP ने सालों से अटके हुए अपराधों, मर्ग और गुमशुदा इंसानों की तलाश से जुड़ी फाइलों की विस्तृत समीक्षा की और आदेश दिया कि प्रत्येक मामले को एक तय समय सीमा के भीतर प्रभावी ढंग से सुलझाया जाए। लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष तौर पर 'ऑपरेशन तलाश' शुरू किया गया है। इसके लिए स्थानीय पुलिस की टीमें जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों में भी जाकर अपराधियों के ठिकानों पर दबिश देंगी।
'ऑपरेशन आघात' के माध्यम से गांजा और अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ सख्त मोर्चा खोल दिया गया है। हाईवे और अन्य क्षेत्रों के ढाबों पर शराब की बिक्री रोकने के लिए वहां पुलिस कंट्रोल रूम और संबंधित थाना प्रभारी के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, अवैध कबाड़ के कारोबार में इस्तेमाल होने वाले 'धर्म कांटा' (वेब्रिज) जैसी गतिविधियों को भी पूर्णतः बंद करने का फरमान जारी किया गया है।
विजुअल पुलिसिंग और निगरानी:
पुलिस की सक्रियता सड़कों पर दिखाने के लिए बाजारों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पेट्रोलिंग व फ्लैग मार्च की संख्या बढ़ाई जाएगी। अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड खंगालकर उन्हें A, B और C कैटेगरी में विभाजित किया जाएगा, ताकि उनकी गतिविधियों की नए सिरे से कड़ी मॉनिटरिंग की जा सके।
जन जागरूकता और कम्युनिटी पुलिसिंग:
पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए 'जन चौपाल' का सहारा लिया जाएगा। इसके जरिए ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचने के तरीके, महिला सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के प्रति शिक्षित किया जाएगा।
अंत में SSP शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जन सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम में किसी भी स्तर पर कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी और रायगढ़ का पूरा पुलिस तंत्र अब एक नए 'एक्शन मोड' में काम करेगा।


