कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने खोला मोर्चा
इस घटना से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन (खरसिया) ने 23 अप्रैल 2026 को एसडीएम, तहसीलदार और बीईओ को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा।
- मृतक शिक्षक के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- परिवार के एक सदस्य को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति मिले।
- सभी विभागीय स्वत्वों (Payments) का जल्द से जल्द भुगतान हो।
- ड्यूटी लगाने में लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
- ड्यूटी लगाने में 'भाई-भतीजावाद' के आरोप
ज्ञापन में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि जनगणना ड्यूटी लगाने में जमकर पक्षपात हुआ है। फेडरेशन का दावा है कि जहाँ शिक्षकों की संख्या पर्याप्त थी (जैसे पतरापाली स्कूल), वहां के शिक्षकों को निजी लाभ देने के लिए छोड़ दिया गया और दूसरे गाँव के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। फेडरेशन ने इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
एसडीएम ने दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम श्री तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि मुआवजा और अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। साथ ही, उन्होंने तहसीलदार और बीईओ को निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी लिस्ट तैयार करने वाले संबंधित कर्मचारियों को तत्काल नोटिस जारी कर जांच शुरू की जाए।
प्रतिनिधिमंडल में मौजूद रहे:
ब्लॉक संयोजक दीनबंधु जायसवाल, सहसंयोजक गुलाब कंवर, पूर्व संयोजक मानसाय यादव, संरक्षक गिरजा शंकर शुक्ला, लकेश्वर राठौर, छतराम पटेल, झांकेश्वर नायक, दिगंबर पटेल, शोभनाथ यादव सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

