दिव्यांग शिक्षक की जनगणना ड्यूटी के दौरान मौत: कर्मचारी फेडरेशन ने मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

Deepak Patail
By -
0

रायगढ़।
जिले के खरसिया तहसील से एक बेहद हृदयविदारक और आक्रोश पैदा करने वाली खबर सामने आई है। जनगणना ड्यूटी में तैनात एक दिव्यांग शिक्षक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शासकीय माध्यमिक शाला कन्या आश्रम (तेंदुमुडी) में पदस्थ दिव्यांग शिक्षक श्री हेमसागर कमलवंशी की ड्यूटी जनगणना कार्य के लिए लगाई गई थी। नियम कहते हैं कि दिव्यांगों, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमार कर्मचारियों को इस ड्यूटी से छूट मिलनी चाहिए।बताया जा रहा है कि स्वर्गीय कमलवंशी ने खुद को ड्यूटी से मुक्त रखने के लिए तहसील कार्यालय के लिपिक हेमंत साहू को दो बार आवेदन भी दिया था, लेकिन उनकी शारीरिक अक्षमता को नजरअंदाज कर दिया गया। इसी ड्यूटी की ट्रेनिंग से लौटते वक्त वे दुर्घटना का शिकार हो गए और उनकी दुखद मृत्यु हो गई।

कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने खोला मोर्चा

इस घटना से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन (खरसिया) ने 23 अप्रैल 2026 को एसडीएम, तहसीलदार और बीईओ को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। 

  • मृतक शिक्षक के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  • परिवार के एक सदस्य को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति मिले।
  • सभी विभागीय स्वत्वों (Payments) का जल्द से जल्द भुगतान हो।
  • ड्यूटी लगाने में लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
  • ड्यूटी लगाने में 'भाई-भतीजावाद' के आरोप

ज्ञापन में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि जनगणना ड्यूटी लगाने में जमकर पक्षपात हुआ है। फेडरेशन का दावा है कि जहाँ शिक्षकों की संख्या पर्याप्त थी (जैसे पतरापाली स्कूल), वहां के शिक्षकों को निजी लाभ देने के लिए छोड़ दिया गया और दूसरे गाँव के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। फेडरेशन ने इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

एसडीएम ने दिया आश्वासन

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम श्री तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि मुआवजा और अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। साथ ही, उन्होंने तहसीलदार और बीईओ को निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी लिस्ट तैयार करने वाले संबंधित कर्मचारियों को तत्काल नोटिस जारी कर जांच शुरू की जाए।

प्रतिनिधिमंडल में मौजूद रहे:

ब्लॉक संयोजक दीनबंधु जायसवाल, सहसंयोजक गुलाब कंवर, पूर्व संयोजक मानसाय यादव, संरक्षक गिरजा शंकर शुक्ला, लकेश्वर राठौर, छतराम पटेल, झांकेश्वर नायक, दिगंबर पटेल, शोभनाथ यादव सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

Tags:

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)